शिक्षाप्रद कहानी | Shikshaprad Kahani | Hindi Story With Morals
शिक्षाप्रद कहानी (Shikshaprad Kahani, Hindi Story With Morals). शिक्षाप्रद कहानियाँ - जो सिखाएँ, राह दिखाएँ! जीवन भर मार्गदर्शन करे सार्थक कहानी की शिक्षा
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एक देस बहुत दूर
रूहानी कहानी: एक देस बहुत दूरपंजाबी लोकगीत ‘छल्ला’ के विभिन्न संस्करणों से छंदों का अनुवाद और जीवन व आध्यात्मिकता के सन्दर्भ में समीक्षा
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कुत्ते की लाइफ
कुत्ते की लाइफ हो जाती है अगर तमाशबीनों को चमत्कृत करने के बावजूद मालिक की उम्मीद पे खरे नहीं उतरो|कहानी एक चमत्कारी कुत्ते के दुत्कारे जाने की...
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कैद बेटा
एक कैद बेटा जेल में रह कर भी अपने पिता की समस्याएँ सुलझा देता है|जहाँ चाह, वहाँ राह|
हम अपने दिलों की दूरी से जुदा होते हैं, शरीरों की दूरी से नहीं|
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कोई दोस्त है न रकीब
बोधकथा: कोई दोस्त है न रकीब है- जगजीत सिंह की गाई, राणा सहरी की गज़ल के तर्जुमा के साथ, और
- सचिन लिमये की गाई ‘न सुबूत है’ के अनुवाद व मतलब के साथ
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खबर रखो
खबर रखो, व्यापार और जीवन में अवसर पहचानने के लिए|बिज़नेस मैनेजमेंट सीखना आसान बनता है, जब सनी पादरी के चुटकुले से जानकारी रखने के फायदे समझाता है...
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चार मोमबत्तियाँ
चार मोमबत्तियाँ जीवन को प्रकाशमान किये थीं|तीन के बुझने से अँधेरा बढ़ा तो बालक डर गया|
लेकिन आशा बाकी थी, जिसने शान्ति, विश्वास व प्रेम को...
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चिंता-गुड़िया ले लो
चिंता-गुड़िया ले लो, स्ट्रेस मैनेज करना है तो|स्ट्रेस रिलीफ टिप्स से भरी बोधकथा, कि कैसे ग्वाटेमाला के स्वदेशी पूर्वजों ने, अपने लिए चिन्ता करने वाली चिन्ता गुड़िया बनाकर, तनाव से मुक्ति पाना सीखा|
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छल्ला की कहानी
छल्ला की कहानीपंजाबी लोकगीत ‘छल्ला’ के संस्करणों का अनुवाद मल्लाह के मृत पुत्र, प्रेमी की अंगूठी, और पंजाब के समकालीन मसलों के सन्दर्भ में
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जय जगदीश हरे
फिल्म आनंदमठ के गीत 'जय जगदीश हरे' के बोलों का ऐतिहासिक, अध्यात्मिक व व्यावहारिक अर्थ|अपना जीवन कैसे जियें आज?
आस्था सहित, निर्भय कर्म करते!
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जीवन व्यर्थ
यदि मंज़िल पाए बिना जाना, जीवन व्यर्थ हो जाना है, तो ध्येय पाकर जाना भी तो जाना ही है|क्या जीवन के कर्म-चेष्टा, रेत के घरौंदे बनाने जैसे हैं बस?
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जीवन-दीक्षा
बच्चों के लालन-पालन के प्रश्नों में उलझी एक आध्यात्मिक कहानी“जीवन-दीक्षा के आगे मेरी दीक्षा तुच्छ है, तेरी कृतियों पर मेरे हस्ताक्षर छोड़ देगी,” ये कह चित्रकार पिता ने अपने ही पुत्र को दीक्षा नहीं दी|
माँ-बाप न सिखाएँ, दिशा ने दें, तो बच्चे क्या सीख पाएँगे?
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ज़ुबान पर काबू रखो

किरदार बनाओ और ज़ुबान पर काबू रखो, तो ऋषि दुर्वासा की तरह, तुम्हारे शब्द भी तलवार से अधिक धारदार हो जायेंगे| वे दुनिया को हिला सकेंगे, इतिहास बना सकेंगे|
दुर्वासा ऋषि के श्राप की बोधप्रद हिन्दू पौराणिक कथा, रोष की ज़ुबानी
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झीनी चदरिया
बोधकथा: झीनी चदरियाकबीर कहते हैं शरीर आत्मा की चादर है| निर्मल मिलती है, हम मैला कर देते हैं| जतन से कैसे ओढ़ें?
मशहूर कविता का भावार्थ व अनुवाद
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तुम पत्ता हो या जड़?
बोधकथा: तुम पत्ता हो या जड़?जीवन में आये लोगों की, एक पेड़ के हिस्सों से तुलना व उनका वर्गीकरण:
पत्ता लोगों, शाखा लोगों और जड़ लोगों में
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दुनिया से क्या यारी?
हमन की दुनिया से क्या यारी, कबीर सिखाते हैं, हमन हैं इश्क मस्ताना|बेड़ा पार तो इश्क ही करायेगा, पर राह नाज़ुक है ज़िन्दगी की|
तो कैसे चलें?
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दुर्वासाओं को संभालें कैसे?
दुर्वासाओं को संभालें कैसे? इंद्र को ऋषि दुर्वासा के श्राप की हिंदु पौराणिक कहानी|कुछ लोग जल्दी बुरा मान जाते हैं, कुछ चिड़चिड़े होते हैं, कुछ हिंसक स्वभाव के, और कुछ के साथ तो रहना ही दूभर होता है| उनके साथ कैसे निभाएँ जिन्हें आप पसंद नहीं करते?
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नेक सामरी
आध्यात्मिक कहानी: नेक सामरीअच्छा बनने में खतरा है| तो इस पुनरुक्त ईसाई दृष्टांत में यीशु का सन्देश क्या था?
हमारे जीवन में धर्म का क्या उद्देश्य है?
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पत्नी 1.0
मज़ेदार कहानी: पत्नी 1.0हाल ही में प्रेमिका 7.0 से पत्नी 1.0 पर अपग्रेड किया?
मदद चाहिए! माशूका 8.0 या बीवी 2.0 लाने से समस्या नहीं सुलझेगी...
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फूटा पात्र
फूटा पात्र भी उपयोगी हो सकता है|हम सब फूटे घड़े हैं, फिर भी उपयोगी होने का प्रयास कर सकते हैं।
आदर्श पात्र न बन पाने पर भी हमारे होने का औचित्य है|
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बंदर, बकरी और बाज़ार
बिज़नेस की दिलचस्प कहानी: बंदर, बकरी और बाज़ारमार्केट गिरे, तो क्या करना चाहिए?
बेतुके मूल्य चुकाने ही हैं, तो बन्दर नहीं, बकरी खरीदो|
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