मज़ेदार कहानियाँ
मज़ेदार कहानी: मिल गए बोतल वाले
नशा बुरा है, तो बुरे सभी हैं| नशे में कौन नहीं है, मुझे बताओ ज़रा| किसे है होश, मेरे सामने तो लाओ ज़रा|
रोष, इन्दर, मुकेश, इंजीनियरिंग कॉलेज व हॉस्टल के किस्से
परिवार सहित बफ़े खाने गया रोष पैसे वसूल करने के चक्कर में था|
डर भी था कि ज़्यादा खा लिया तो लेने के देने पड़ जायेंगे...
मज़ेदार कहानी का आखिरी हिस्सा|
चीनी दार्शनिक झुआन्गज़ी जानता था कि मछली की ख़ुशी किसमें है, लेकिन हुईज़ी ने ले लिया पंगा|
जोश के गोल जवाब सुनकर रोष को याद हो आया उनका किस्सा|
हिन्दी कहानियाँ
English Stories
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