प्रयोक्ता रेटिंग: 5 /5

सक्रिय तारकसक्रिय तारकसक्रिय तारकसक्रिय तारकसक्रिय तारक
 


Business Classमज़ेदार कहानी: बिज़नेस कैसे होता है (Biznes Kaise Hota Hai)?

 

ईशा रोष को रिश्तों का मनोविज्ञान और स्मार्ट व व्यवहार कुशल होना सिखाती है, पर कोई समाधान सम्पूर्ण नहीं ...

पिछली टेलटाउन कहानी: मसाला चाय

“मुझे उसकी गर्लफ्रेंड पसंद नहीं!” रोष कह रहा था|

“पर उसे है!” ईशा ने आपत्ति की| “और अपनी पसंद पर हक है उसका, आप का कोप-भागी बने बगैर| जो वह चाहता है, वह अपने बाप से नहीं, तो और किस से मांगेगा?”

“तो मांग ले| लेकिन हर मांग का अंत मांगी चीज़ मिलने में ही हो, ये तो ज़रूरी नहीं| मधुमेह का रोगी अगर मिठाई माँगे, तो डॉक्टर दे देगा क्या?” रोष को अब गुस्सा चढ़ने लगा था|

“नहीं,” ईशा ने कहा| “लेकिन न कहने के तरीके होते हैं, और काम कराने के भी| सबसे सींग मत लड़ाया करो| वह लड़ाई हर-जीत की है|”

“किसी को जीतने के लिए, किसी को तो हारना होगा न| और आप तो दोनों ही ओर से हारोगे, अगर उन्हीं से सींग भिड़ाओगे जिनसे इतना टूट कर प्यार करते हो|”

“तेरे पास कोई बेहतर हल है?” रोष ने कुछ शांत होते हुए पूछा|

“हल नहीं| वो तो आपको अपने बेटे के साथ खुद ही खोजने होंगे,” ईशा ने जवाब दिया| “पर काम कुछ अलग अंदाज़ से किये जा सकते हैं...”

“कैसे?” उसने पूछा|

“जैसे,” उसने कुछ सोचकर जवाब दिया| “कल्पना करो कि आप जैसा स्मार्ट बिज़नेसमैन अपने लड़के की शादी अपनी पसंद की किसी लड़की से करवाना चाहता है| लेकिन आपके लड़के की तरह, उसके लड़के की भी अपनी एक पसंद है|”

“मैं चाहता हूँ कि तुम मेरी पसंद की लड़की के साथ शादी करो,” पिता कहता है|

“ना, शादी मेरी है,” लड़का ज़िद पर है| “अपनी दुल्हन मैं खुद चुनूँगा|”

“और लड़की अगर बिल गेट्स की बेटी हो तो ...?”

“उम्म्म, तब तो ...”

“मज़ाक कर रही है,” रोष ने टोका| “इस मामले में बिल गेट्स और उसकी बिटिया की राय नहीं होगी क्या?”

“बाप तो सभी अपने बच्चों के लिए बेहतर ही चाहते हैं,” ईशा ने कहना जारी रखा| “बिल कहाँ कोई अपवाद होगा| हमारा बिज़नेसमैन बिल के पास एक ऐसा प्रस्ताव ले जाए जिसे वो ठुकरा ही न पाए|”

“कैसा, डॉन कोरलेओन?” रोष ईशा के गॉडफादर उद्धरण पर मुस्कुरा दिया|

“तुम्हारी लड़की के लिए मेरे पास एक दूल्हा है, वह बिल को प्रस्ताव दे सकता है,” ईशा ने आगे कहा|

“पर मुझे पहले अपनी बेटी से पूछना पड़ेगा, बिल आपत्ति कर सकता है|”

“लेकिन ये नौजवान वॉरेन बफे की प्रमुख कंपनी बर्कशायर हैथवे का उपाध्यक्ष है| तब, फंस जाएगा बिल ...”

“औरत!” रोष ने कहा| “ऐसी राय देकर तू फिर मुझे अदन से निकलवाएगी|”

“उसपे मुझे शुरू मत करो,” ईशा लड़ पड़ी| “या तो अपना एप्पल खा लो, या उसे बिल के लिए छोड़ दो| कोई ज़बरदस्ती नहीं कर रहा आपसे|”

“पर अब बिल क्या बताए अपनी बिटिया को?” रोष कराह उठा|

“वो बिल की समस्या है,” ईशा कौंधी| “वह अपने लिए मशवरे खरीद सकता है| मैं तो सिर्फ अपने ही आका को सलाह देती हूँ|”

“अभी भी वारेन छूट गया,” वह आखिर में बोला| “वो क्यों किसी ऐरे गैरे नत्थूखैरे को उपाध्यक्ष बनाने को राज़ी होगा?”

“क्योंकि वो कोई ऐरा गैरा नत्थूखैरा नहीं,” ईशा ने पलट कर जवाब दिया| “इस काबिल नवयुवक को बिल गेट्स ने अपना दामाद चुना है!”

उसकी हाज़िर जवाबी पर रोष खिलखिला उठा| हँसी घर-भर में गूँज गई|

“अब इससे उतना फर्क नहीं पड़ता कि ‘आप किसे जानते हो’,” उसने दलील पूरी की, “जितना इससे कि ‘आप किसे ब्याहते हो’!”

रोष ने उसे अपनी ओर खींच लिया और फुसफुसाया, “मेरी ब्याहता तो मोहिनी है| और वो मुझे पापी बना के रहेगी!”

“तो हवस को हवा मत दो,” मुस्कुरा कर ईशा ने उसे दूर धकेल दिया| “कहीं ऐसा न हो आपको उसका इनाम पसंद आ जाए|”

उसके बाद जो उन दैत्यों में घमासान छिड़ी, तो दिन भर का कारोबार ठप्प हो गया|

अगली टेलटाउन कहानी: जीरा बासमती