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195/365 Preparationकार टायर में हवा कैसे भरें (Car Tyre Me Hawa Kaise Bharen)?

 

कार के बुनियादी रखरखाव में, रोष सिखाता है टायर प्रेशर/ टायर दबाव/ टायर में हवा भरना| कब, कहाँ, कितनी, क्यों, क्या, कैसे?

 

जीवन में उपयोगी व्यावहारिक टिप्स से भरी ज्ञानवर्धक कहानी

पिछली कहानी: कार टायर प्रेशर कैसे जाँचें?

“कई पेट्रोल स्टेशनों पर कार टायर में हवा का दबाव नापने वाला यंत्र टायर पंप के साथ ही लगा होता है,” रोष ने कहा, “हालाँकि दिखने में अलग-अलग स्टेशनों के टायर पम्प और गेज काफी अलग-अलग हो सकते हैं|”

“मैं कार टायर में हवा भरने और दबाव चेक करने के लिए उन पेट्रोल पम्पों पर जाना पसंद करता हूँ जहाँ प्रेशर गेज दीवार पर लगा होता है, हवा भरने वाली ट्यूब पर नहीं, क्योंकि मैंने उन्हें ही ज़्यादा सटीक पाया है|”

“कुछ लोग हवा भरने वाली टयूब की नोक पर, नोज़ल की बगल में लगे गेज को, जिसे टायर तक उठा कर लाया जा सकता है, बड़ी बेरहमी से इस्तेमाल करते हैं|"

"उसे रास्ते में यहाँ-वहाँ छोड़ देने, या इस्तेमाल करने के बाद दूर हटाने के लिए फैंक देने से, उसकी 0 रीडिंग की सुई हिल जाती है, जिससे वह गलत प्रेशर बताने लगता है|”

“आजकल तो दुकानों से भी आसानी से, सस्ते मेकेनिकल एयर प्रेशर गेज और पम्प मिल जाते हैं| अगर तुम इनका इस्तेमाल करो, तो हर बार टायर प्रेशर जाँचने के लिए पेट्रोल पम्प जाने की ज़रूरत भी नहीं| इत्मिनान से टायर प्रेशर जाँच लो, जहाँ भी हो|”

“टायर का प्रेशर हमेशा तभी जाँचना चाहिए जब टायर ठन्डे हों, क्योंकि गाड़ी एक मील चलाने पर भी टायर गर्म हो जाने से उनके भीतर प्रेशर बढ़ जाता है| अगर हवा भरवाने थोड़ी दूर भी जाना हो, तो गाड़ी चलाने से पहले टायर प्रेशर चेक करके नोट करो, फिर पम्प पहुँच कर ज़रूरत का प्रेशर जोड़ कर हवा भर लो|”

“गाड़ी चलाने से टायरों का गर्म होना और उनके अन्दर हवा का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है| टायर जब गर्म हों, तो उनका दबाव नहीं घटाना चाहिए, यानि तब उनसे हवा नहीं निकालनी चाहिए|”

“प्रेशर जाँचने के लिए, पहले टायर के वाल्व के ऊपर से उसकी डस्ट कैप (धूल से बचाने वाली टोपी) घुमा कर खोलो| इसे संभाल कर रखो, ताकि ये खो न जाए| अगर टायर ठन्डे थे, तो टायर गेज वाल्व के ऊपर दबा कर लगाओ और रीडिंग पढ़ लो| हो गया सब|”

“अब निर्देशित टायर दबाव बनाने के लिए आवश्यकतानुसार हवा भर लो| अगर टायर ज़्यादा भरा जाए, तो वाल्व के बीच वाली धातु की तार ऊपर से नाखून या पेन की नोक से दबा कर थोड़ी हवा निकाल दो|”

“अगर ज़रूरत हो, तो हवा भरने और जाँचने की प्रक्रिया फिर दोहराओ| जब तसल्ली हो जाए कि टायर ठीक से फूल गया है, तो वाल्व की टोपी घुमा कर उसे अपनी जगह वापिस चढ़ा दो|”

“टायर को ठीक से देख भी लो ताकि उसके ऊपर कोई कील या ऐसी चीज़ें न लगीं हों जो उसमें छेद करके हवा निकाल सकतीं हों| टायर की परत (साइडवॉल) का मुआयना भी कर लो कि वो कटी, फटी, फूली या किसी और तरह से गड़बड़ाई तो नहीं दिख रही|”

“बाकी के चार पहियों के लिए भी, जिसमें बूट में पड़ा फालतू टायर भी शामिल है, अब ये प्रक्रिया दोहरा लो| जो नज़र से ओझल है, उसे भूल जाना आसान होता है, लेकिन न मालूम कब उसकी ज़रूरत पड़ जाए| याद रहे कि कुछ फालतू टायरों में दबाव अधिक रखना पड़ता है|”

“तुम्हारा वाहन निर्माता तुम्हारे टायरों के लिए उपयुक्त दबाव निर्दिष्ट करता है, और ड्राइवर के रूप में ये तुम्हारी ज़िम्मेदारी है कि नियमित रूप से दबाव जांचो और उसे ठीक करते रहो|”

“तुम्हारा वाहन निर्माता अगले और पिछले पहियों के लिए टायरों में हवा का अलग दबाव भी सुझा सकता है, तो इन दिशानिर्देशों से अवगत रहना चाहिए| इन दिनों, मैं तो जीवन सरल बनाने के लिए चारों टायरों में हवा का दबाव बराबर रखता हूँ|”

“अब तो तुम कुछ सम्मानित वेबसाइट्स पर जाकर, अपना कार रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर, अपनी कार के लिए सही टायर प्रेशर भी पता कर सकते हो| अलग-अलग देशों में ऐसी अलग-अलग साइट्स होती हैं|”

“कई कार टायरों में तो रबड़ पर ही उनके लिए रेकमेंडेड टायर प्रेशर की जानकारी गुदी हुई होती है| अमूमन, विभिन्न किस्म और साइज़ के टायरों के लिए नियत टायर दबाव भिन्न होता है, तो मेरी यही कोशिश होती है कि टायर बदलवाते वक्त कार-निर्माता के निर्देश ध्यान में रखूँ|”

“अगर तुम्हें पक्का नहीं कि अपने टायरों में दबाव कितना रखना है, तो ये जानकारी तुम्हें कार-निर्माता द्वारा दी गए किसी प्लेट या स्टीकर पर मिल जाएगी, जो ड्राईवर साइड के दरवाज़े या ड्राईवर डोर की चौखट पर कहीं, दस्ताना (ग्लोव) बॉक्स में, ईंधन टैंक के ढक्कन या बोनेट के नीचे मिलेगा| कार-निर्माता के रेकोमेंडेड टायर साइज़ भी तुम्हें यहीं मिलेंगे|”

“आमतौर पर ये जानकारी वाहन पुस्तिका (हैंडबुक) में भी मुद्रित होती है| कार में अतिरिक्त भार या वज़न ले जाने के लिए भी वाहन हैंडबुक में लोड के लिए सही टायर प्रेशर मिल जायेंगे| मैं इस किताब को कार में ही रखता हूँ|”

“ऐसा इसलिए कि भारी वजन या गाड़ी से कुछ खींचना टायर पर अतिरिक्त दबाव डालता है| तो अगर मेरी गाड़ी माल या सवारी से पूरी तरह लदी है, तो मैं आमतौर से किसी पेट्रोल पम्प पर रुक कर सभी टायरों के निर्देशित न्यूनतम दबाव में 28kpa (28 किलोपास्कल, या 4 PSI यानि 4 पोंड) बढ़ा देता हूँ|”

ब्रिजस्टोन के अनुसार तेज़ गति पर, जिसको यहाँ 120 किमी प्रति घंटे से ऊपर रफ्तार से परिभाषित किया जाता है, तुम्हारे टायर 70-80 kmph पर ड्राइव करने के मुकाबले दुगुनी तेज़ी से घिसते हैं|”

“टायर यदि 20% कम फूले हों, तो टायर का जीवन 30% कम हो सकता है, लेकिन कार टायर कभी भी 40 PSI या 280 kPa (किलो पास्कल) से अधिक नहीं फुलाने चाहिए| जब ड्राइविंग से टायर गर्म हो जाते हैं, तो उनमें प्रेशर और भी बढ़ जाता है|”

गुडइयर कंपनी का कहना है कि हर 10 डिग्री तापमान बदलने पर टायर का प्रेशर 1-2 पौण्ड (पाउंड) बढ़ (गर्मी में) या घट (सर्दी में) जाता है|”

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