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IIFA-2014-GreenCarpet2 (221)ज्ञानवर्धक कहानी: प्रभु के प्यारे (Prabhu Ke Pyare)

 

2017-18 में प्रभु को प्यारे हुए प्रभावशाली विश्व नेताओं, मशहूर हिंदी फिल्मी हस्तियों व भारतीय राजनेताओं पर विनोदी कथा

पिछली टेलटाउन कहानी: पढ़ें इस किस्से से पहले की कथा: (अभी अप्रकाशित)

व्हाट्सएप पारिवारिक चैट समूह को ईशा ने एक पोस्ट प्रेषित की थी| इसमें लिखा था:

किसी का पत्र:

प्रिय भगवान,
नमस्ते|
ओम पुरी, विनोद खन्ना, रीमा लागू, शशि कपूर, और अब श्रीदेवी|
भारतीय फिल्मों में आपके गहरे रुझान की सराहना करता हूँ मैं|
प्रिय भगवन, मुझे आशा है कि आप राजनीति में भी थोड़ी  रुचि लेंगे।
शुक्रिया पेशगी।

रोष मुस्कुराया और उसने एक उत्तर टाइप कर भेजा| उसमें लिखा था:

उस चिट्ठी का खुदाई जवाब:

प्यारे बच्चे,
तुम्हें भी नमस्ते|
मारिओ सोरेस, मार्टिन म्क्गीन्नेस, मैनुअल नोरीगा, हेलमुट कोहल, ऑलिव यांग, जलाल तालाबानी, अली अब्दुल्लाह सलेह, और अब माइकल प्रथम|
देख लो, मुझे राजनीतिज्ञ भी दिलचस्प लगते हैं| लेकिन तुम कब यूट्यूब के गपशप चैनल से उतर के, वैश्विक समसामयिक मामलों में रुचि लेना शुरू करोगे?
ढेर सारा प्यार|

“ये सब कौन हैं?” एक घंटा बाद, काम से घर लौटने पर ईशा ने रोष से पूछा|

“इनमें से किसी के बारे में नहीं सुना?” रोष को हैरत हुई| “मारियो सोरेस, वो पुर्तगाली राजनेता, जिसने 1970 के मुश्किल दशक में, पुर्तगाल में लोकतंत्र के पदार्पण की देखरेख की|”

“पुर्तगाल के फ़ासिस्ट (हिटलर समर्थक) तानाशाह अंतोनियो दे ऑलिविएरा सलाज़ार का आलोचक सोरेस, वकील था, जो अक्सर सलाजार के राजनीतिक विरोधियों का बचाव करता था, और जिसने पुर्तगाल की सोशलिस्ट पार्टी बनाने में मदद की|”

कारनेशन क्रान्ति के बाद उसने दो बार प्रधान मंत्री बनकर पुर्तगाल की सेवा की थी, 1986 में पुर्तगाल का 17वां राष्ट्रपति बनने से पहले|”

“वह एक दशक तक राष्ट्रपति रहा, और उसी की देखरेख में पुर्तगाल में उपनिवेश वाद का खात्मा हुआ और ईईसी (EEC, यूरोपीय आर्थिक समुदाय) से एकीकरण, जो आखिरकार इयू (EU, यूरोपीय संघ) बना|”

मार्टिन मैकगिनीस आईआरए (IRA, ईरा, आयरिश रिपब्लिकन आर्मी) का भूतपूर्व सेनापति था, जो अंततः उत्तरी आयरलैंड का उप-प्रथम मंत्री बना|”

“माना जाता है कि उत्तरी आयरलैंड शांति प्रक्रिया के दौरान वह शिन फेन का मुख्य वार्ताकार था| गुड फ्राइडे समझौते से मुसीबतों का वह दौर खत्म हुआ जिसमें उत्तरी आयरलैंड में ईरा, अंग्रेज़ों और वफादार गुटों के बीच बमबारी और हत्याएँ हो रही थीं|”

मनुएल नोरिएगा 1980 के दशक में पनामा का तानाशाह था| 1968 में, मेरे पैदा होने के एक साल बाद, जनरल ओमर तोर्रिजोस के साथ तख्ता पलट करके वह सत्ता में आया|”

“शुरू में वह अमरीका का पिट्ठू था, मगर बाद में पनामा के ड्रग व्यापार से जुड़ा और सुनने में ये आया कि वह अमरीका के दुश्मनों को संवेदनशील जानकारी बेचने लगा|”

“तो पनामा के एक सैनिक ने जब एक अमरीकी मरीन (कमांडो) को मार दिया, तो अमरीका ने ऑपरेशन जस्ट कॉज़ (न्यायोचित कारण) में ‘अमेरिकी जीवन की रक्षा, लोकतंत्र की बहाली, पनामा नहर संधि की अखंडता बचाने और मनूएल नोरिगा को गिरफ्तार करने’ पनामा पर हमला बोल दिया|”

“नोरीएगा पकड़ा गया और एक अमरीकी जेल में उसने 18 साल बिताये| काले धन को वैध बनाने के आरोपों का सामना करने, उसे 2010 में फ्रांस भेजा गया, लेकिन वहां से उसे पनामा वापिस भेज दिया गया, जहाँ उसकी अनुपस्थिति में उसे मानव-अधिकारों के दुरुपयोग का दोषी पाया गया था|”

"हेल्मुट कोल कथित तौर पर विश्व युद्ध के दौरान हिटलर यूथ का सदस्य था, जो एक राजनीतिज्ञ बन गया, और रैंक में बढ़ता-बढ़ता 1982 में पश्चिम जर्मनी का कुलपति (चांसलर) बना।"

“ये वो आदमी था जिसकी देखरेख में जर्मनी का एकीकरण हुआ, और युद्ध-बाद के जर्मनी ने कई महान बदलाव किये| फ्रांस के साथ जर्मनी का रिश्ता सुधरा| पूर्वी जर्मनी के एरिक होनेकर और सोवियत संघ के मिखाइल गोर्बाचेव के साथ मिलकर, इस महान नेता ने कूटनीति से शीत युद्ध खत्म कराने में मदद की|”

“जब मैं बड़ा हो रहा था, तो हम इन हस्तियों पर निबंध लिख रहे थे| कोल की सोच, उसके जाने के बाद भी, अंतर्राष्ट्रीय नीति को प्रभावित कर रही है| उसकी शिष्या अंगेला मर्केल ने कितने ही सीरियाई शरणार्थियों के घावों पर अभी तक मच रही त्राहि में मरहम रखा है|”

“1989 में बर्लिन की दीवार गिरने के बाद, कोल ने जर्मनी के एकीकरण का संचालन किया और 1990 में एकीकृत जर्मनी का प्रथम चांसलर बनकर उसकी सेवा की|”

“वह मास्ट्रिच संधि का शिल्पी था, जिसने यूरोपीय संघ और यूरो मुद्रा की स्थापना की| यूरोपीय संघ ने राष्ट्रीय सम्मान के साथ अपना पहला अंतिम संस्कार करके इस महान हस्ती को विदा किया|"

"ओलिव यांग, या यांग क्यिं सिऊ, उपनाम मिस बालों भरी टाँगें, 1949 के आज़ाद बर्मा के एक राज्य, कोकांग, के सोफा (मुखिया) साओ एडवर्ड यांग क्यें त्सई की सौतेली बहन थी|”

“वह बर्मा के शान राज्य के एक अमीर घराने से थी, पर अपने समाज की सामाजिक मर्यादाएं उसने कभी मानी नहीं, और जंगल में एक बर्मी सरदार और अफीम तस्कर की तरह रहती रही|”

“यांग ने कथित तौर पर 'ओलिव के लौंडे' नामक एक मिलिशिया (लड़ाकू दस्ता) बनाया था, जिसमें कुओमिन्तांग के पूर्व सदस्य थे, जो ‘लाल चीन’ के खिलाफ 1950 के दशक में थाईलैंड और बर्मा से अपनी लड़ाई जारी रखने की कोशिश कर रहे थे|”

"यांग दक्षिण पूर्व एशिया के सुनहरे त्रिभुज अफीम तस्कर दल की एक अहम हस्ती थी| 1959 में अपने भाई के सत्ता से हटने के बाद, वह शान की सरकारी सेना कब्ज़ा कर, उस इलाके की असल मालिक बन बैठी|”

“गिरफ्तार करके जेल में ठूँस दिए जाने के बाद, उसने बर्मा सरकार की कोकांग जातीय विद्रोही समूहों के साथ सुलह कराने में मदद की| ये सुलहनामा 2009 तक चला|”

जलाल तलाबानी इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र, कुर्दिस्तान, का एक महत्वपूर्ण नेता था| वह ईराक का पहला गैर-अरब राष्ट्रपति था, और इराक़ी कुर्दों और अरबों में माम जलाल (जलाल अंकल) के नाम से लोकप्रिय था|”

“सद्दाम हुसैन को उखाड़ फेंके जाने के बाद, वह ईराक की नेशनल गवर्निंग काउंसिल का अध्यक्ष बना| और एक नया संविधान स्थापित करने के बाद, 2005 - 2014 के बीच उसने इराक के राष्ट्रपति के रूप में उसने उसकी सेवा की|”

अली अब्दुल्ला सालेह, दक्षिण यमन के साथ उत्तर यमनी एकीकरण के बाद यमन का पहला राष्ट्रपति, यमन की राजनीति में पिछले तीन दशकों से बड़ी ताकत था।"

"वह उत्तरी यमन के 1974 के सैन्य तख्ता पलट के नेताओं में से एक था, और हत्याओं की एक श्रृंखला के बाद यमन अरब गणराज्य का राष्ट्रपति बना|"

"उसने 1990 में उत्तर और दक्षिणी यमन को एकजुट किया, और 2011 के अरब स्प्रिंग (विद्रोह) तक सत्ता में बने रहने में कामयाब रहा| 2012 में सत्ता से इस्तीफा देने के बाद, वह हौथी विद्रोहियों के पक्ष में यमन वापिस लौटा|”

“उसके सऊदी अरब से बातचीत और दल बदलने की सम्भावनाओं के संकेत मिलने के बाद, हौथी बलों ने उसे तब मार दिया जब वह येमेनी राजधानी, सना, से भागने की कोशिश कर रहा था|"

"और अंत में, माइकल प्रथम। वह रोमानिया का आखिरी राजा था| और द्वितीय विश्व युद्ध के यूरोपीय राज्यों में अब तक जीवित बचा रहने वाला आखिरी सर्वोच्च कमांडर-इन-चीफ|"

"हालांकि रोमानिया के अधिकतर वासी राजतंत्र वादी नहीं हैं, यानि रजवाड़ों के पक्षधर नहीं हैं, फिर भी जनवरी 2012 में हुए एक जनमत सर्वेक्षण में उन्होंने रोमानिया के सबसे भरोसेमंद सार्वजनिक व्यक्ति के रूप में माइकल को रोमानियाई राजनीतिक नेताओं से बहुत आगे रखा था ..."

रोष का फोन बज उठा| परिवार के एक सदस्य ने उसकी पोस्ट पर अपनी टिप्पणी भेजी थी| लिखा था:

प्रिय प्रभु,
लेकिन इनमें से कोई भी भारतीय राजनीतिज्ञ नहीं था| मैं आपको अपनी करीबी राजनीति में कैसे दिलचस्पी दिलाऊँ?

वह मुस्कुराया, और एक जवाबी झटपट टाइप करके भेज दी|

ईशा की स्क्रीन पर जब वह दिखाई दी, तो वह ज़ोर से हँसी। रोष ने लिखा था:

प्रिय बच्चे,
हुकुम सिंह, फ्रीदा टोपनो, गली मुददू कृष्णमा नायडू, जोनाथन संगमा, के. एस. पुत्तन्नईया, लोकेन्द्र सिंह, कल्याण सिंह चौहान, कुंवर बाई यादव, और अब भानु कुमार शास्त्री|
और अभी तो हम 2018 के सिर्फ दूसरे ही महीने में हैं| इतनी नज़दीकी काफी है तुम्हारे लिए?
वैसे, मैं सुपारी (अनुबंध-हत्या) नहीं लेता|

“वैसे रोष," उसने मधुरता से रोष से कहा। "मैंने तो इनमें से भी किसी का नाम नहीं सुना!”

रोष ने उसाँस ली, और एक लंबी शाम के लिए तैयार हो गया ...

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