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Marinated Chicken Sticks - marinadeपाककला टिप्स पर कहानी: मीट मेरिनेट कैसे करें (Meat Marinate Kaise Karen)?

 

मरिनेट से स्वाद एकसार, रसीला व नर्म आता है|

 

पर एसिड, तेल, समय, मसाले का सही संतुलन चाहिए...

पिछली टेलटाउन कहानी: चिकन या मछली मेरिनेट

“मेरिनेट करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है माँ?” होश ने ईशा से पूछा| “और कौन-कौन से व्यंजन मैरिनेट किये जा सकते हैं?”

“पकाने से पहले, खाद्य पदार्थ को मसालेदार तरल से लेपने को मेरिनेट कहते हैं,” उसने जवाब दिया| “और उस तरल का नाम होता है मैरिनेड|”

“ये तरल या तो सिरके, नीम्बू के रस, या शराब की तरह अम्लीय हो सकता है; या अनानास, पपीते या कीवी फ्रूट की तरह पाचकीय| इस तरल में तेल मिलाया जाता है, जिसमें अलग-अलग संस्कृतियों के लोग विभिन्न जड़ी-बूटियाँ और मसाले मिलाकर उसे ज़ायकेदार बनाते हैं|”

“मरिनेट काफी लोकप्रिय हैं, क्योंकि इनसे डिश में स्वाद एकसार आता है, ये पकवान को रसदार रखते हैं, और मीट के कठोर टुकड़ों को नर्म बनाते हैं|”

“अम्ल से गोश्त टूटता है, जिसके कारण माँस के ऊतक ज़्यादा नमी जज़्ब कर पाते हैं| नतीजा - एकसार स्वाद वाला, ज़्यादा रसीला खाना|”

“लेकिन ज़रूरत से ज़्यादा एसिड कार्बनिक पदार्थों के लिए अच्छा नहीं| तो मेरिनेट प्रक्रिया कुछ सेकंड की होगी या दिनों की, ये इस बात पर निर्भर करता है कि किस से क्या मेरिनेट किया जा रहा है| प्रवीणता एसिड, तेल, समय, और मसाले के सही संतुलन को पाने में है|”

“मेरिनेड सतह को तोड़ सकते हैं, और अगर जमे छोड़ दिए जाएँ तो बाहरी परत को पिलपिला बना देते हैं| लेकिन मसाला लगाने के बाद, खाने को हमेशा फ्रिज में रखना चाहिए, ताकि कच्चे सुर्ख मांस, मछली या मुर्ग में बैक्टीरिया की बढ़त रोकी जा सके|”

“इनमें नुकसानदायक जीवाणु होते हैं, इसलिए मेरिनेट करने के बाद इन्हें पकाना ज़रूरी है| इनसे मेरिनेड खराब भी हो जाता है, अगर ये सोचकर तुमने थोक में बना लिया था कि बचा-खुचा बाद में डिपिंग सॉस की तरह इस्तेमाल कर लोगे|”

“सॉस की तरह इस्तेमाल करने से ठीक पहले, फालतू मेरिनेड एहतियातन उबाल लेना ही चाहिए| लेकिन इस्तेमाल किये हुए मैरिनेड की सॉस तो कतई नहीं बनानी चाहिए| अमेरिकन इंस्टिट्यूट फॉर कैंसर रिसर्च के मुताबिक तो उसे फेंक ही देना चाहिए| इसीलिए मैं हमेशा घर में बनाए मेरिनेड फटाफट इस्तेमाल कर लेती हूँ|”

“लाल मिर्च, लहसुन और पुदीने जैसे व्यक्तिगत रूप से मज़बूत और मसालेदार स्वादों को एकरसता में बाँधने और हमवार करने के लिए, कई एशियाई और ओशियानिया (दक्षिण प्रशांतीय) सौसौं में नारियल का दूध इस्तेमाल होता है, जो एक क्रीम-भरा तरल है|”

“मैं तो सॉस ज़्यादा इस्तेमाल नहीं करती| उनकी बजाय दही इस्तेमाल करना पसंद करती हूँ, वो भी मेरिनेड में| कई मरिनेड, जो सिरके और तेल आदि से बनते हैं, वो सॉस के रूप में बढ़िया काम वैसे भी नहीं कर पाते|”

“दही खूबसूरती से गोश्त को नर्म बना देती है, खासकर अपना जादू चलाने का अगर उसे वक़्त मिल जाए - 30 मिनट कटे टुकड़ों के लिए, 60 मिनट या उससे ज्यादा चिकन ब्रेस्ट (सीने) जैसे बड़े पीसों के लिए|”

“बावर्ची बताएँगे तुम्हें, कि पकाए जाने से पहले जो मांस मैरीनेट किये जाते हैं, उनका फ्लेवर ज़्यादा गरिष्ट, ज़्यादा सम्रद्ध होता है, बजाय उनके जो सिर्फ किसी डिपिंग सॉस के साथ परोस दिए गए होते हैं| पर जब लोग बिज़ी होते हैं, तो खरीदनी पड़तीं हैं उन्हें बाज़ारू सौसें और मेरिनेड|”

“अमेरिकी कृषि विभाग (यू.एस.डी.ए, यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चर) की खाद्य सुरक्षा और निरीक्षण सेवा (एफ.एस.आई.एस, फूड सेफ्टी एंड इंस्पेक्शन सर्विस) फ़ूड सेफ्टी पर अपनी किताब में सावधान करती है, कि मेरिनेट के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला बर्तन काँच या फूड सेफ प्लास्टिक (जो मसालों के साथ प्रतिक्रिया न करे) का होना चाहिए|”

“धातु के पात्रों और चमकीले पकी मिट्टी के बर्तनों में सीसा (लेड) हो सकता है, जो मेरिनेड के अम्ल से रिएक्ट करता है| इसलिए उनके इस्तेमाल से बचना चाहिए| दूसरी परेशानी ये है कि कड़े मीट को मेरीनेट होने के लिए सही समय मिल सके, इसके लिए एक दिन पहले से तैयारी भी करनी पड़ सकती है|”

“मैं स्किन्लेस (बिना चमड़ी), बोनलेस (बिना हड्डी) चिकन सीनों का इस्तेमाल करती हूँ, क्योंकि वे आधे घंटे में ही मेरिनेट किये जा सकते हैं, जबकि पूरे मुर्गे में 6-8 घंटे तक लग सकते हैं|”

“उम्दा पोल्ट्री (मुर्ग) मेरिनेड न सिर्फ गोश्त को ग्रिल पर सूखने से रोकता है, बल्कि ज़्यादा नाज़ुक हिस्सों को जलने से भी बचाता है| साथ ही साथ ये मांस पर फ्लेवर भी एकसार चढ़ाता है| बस ये देख लो कि टुकड़े अलग-अलग हो जाएँ, और उन्हें अच्छी तरह घुमाओ ताकि मेरिनेड मीट पर पूरी तरह लग सके|”

“स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के लिए चर्बी-रहित चिकन महान प्रोटीन स्रोत भी है, और विटामिन बी से समृद्ध भी| पकता भी जल्दी है और अलग-अलग तरीके से आसानी से पकाया भी जा सकता है|”

“लहसुन, प्याज़ और संतरे जैसी ताज़ा जड़ी बूटियों के साथ इसे भून सकते हो; या निम्बू रस के इशारे, या रोज़मैरी की सौंधी खुशबू के साथ इसे बारबेक्यू कर सकते हो| मसाले चढ़ा कर हिन्दुस्तानी तंदूरी बना दो; या तुलसी, देगी मिर्च, लस्सन, नमक और मिर्च से पोंछ कर शराब में ढालो और अंग्रेज़ी फ्राई (फ्राई मतलब तलना) बना लो|”

“बजट थोड़ा कम है, तो नमक मेरिनेड ट्राई कर लो – इसकी चिकन की त्वचा करारी और गोश्त आश्चर्यजनक रूप से मीठा बनता है|”

“मैंने सुना है कि जापानी बारबेक्यु करने से पहले मिसो, बीयर, सोया सॉस, चीनी, और तिल के तेल के मिश्रण से मेरिनेट करते हैं| जबकि जमैकन बीफ (गोमांस), पोर्क (सूअर के मांस), मुर्ग और मछली पर जर्क सीज़निंग और जर्क रब्स का इस्तेमाल करते हैं|”

“ज़ाहिर है कि बीफ, मटन (भेड़ का मांस), और पोर्क को सबसे ज़्यादा; मुर्ग को कम; और सब्ज़ियों, मछली और सीफूड (समुद्री भोजन) को सबसे कम मेरिनेट करने की ज़रुरत है| ठीक से मेरिनेट करने के लिए आखिरी ग्रुप को मैं 30 मिनट; हड्डी वाले, चर्मदार चिकन सीनों, रानों (जाँघों), और टंगड़ियों (ड्रमस्टिक्स) को 2-3 घंटे; और कैड़े गोश्त को रातभर तो आराम से दूँगी|”

“जैसी कि तुम अब कल्पना कर सकते हो, अलग-अलग व्यंजनों में अलग-अलग मेरिनेड इस्तेमाल होते हैं| इन्टरनेट और यूट्यूब पर तुम्हें सैकड़ों रेसिपी मिल जायेंगी|”

“अब चूंकि तुम जान गए हो कि हिफाज़त से मेरिनेट कैसे करते हैं, तो अलग-अलग सामग्री मिश्रणों के साथ प्रयोग करने की कोशिश करो| शुरूआत के लिए कुछ बहुत ही आसान वो हैं, जिनमें सिर्फ नमकीन पानी लगता है, या सिर्फ सोया सॉस और लहसुन|”

“मुझे जड़ी बूटी, लहसुन, अदरक, नींबू और मसालों का उपयोग करना पसंद है| पुदीने, मसालों और लहसुन जैसी जड़ी बूटियों में सेहत की हिफाज़त करने वाले फाइटोकेमिकल्स भी होते हैं| तो खाने में जो वो ज़ायका बढ़ाते हैं, वो तो बोनस है बस| लेकिन एक दिन के लिए थ्योरी (सिद्धांत) काफी हो गयी| अब किचन में जा, और कुछ रचना कर!”

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