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BMW i3 - First Driveकार चलाना सीख (Car Chalana Seekh)

 

आसान है, अगर कुछ बुनियादी नियम पालन हो|

 

रोड कोड जानो, सुरक्षित कार ड्राइव करो, दूरी बनाए रखो, धीरे चलो, बाएँ चलो, संकेत दो|

पिछली कहानी: पढ़ें इस किस्से से पहले की कथा: बीमा कंपनी से पंगा नहीं (अभी अप्रकाशित)

होश ने थ्योरी टेस्ट पास कर के अपना लर्नर लाइसेंस ले लिया था| अब वो अपने स्कूल इम्तिहान के खत्म होने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था, ताकि वह अपने पिता से कार चलाना सीख सके|

आखिरकार वो दिन आ पहुंचा था| वह अपने पिता की गाड़ी में ड्राईवर (चालक) की कुर्सी पर बैठा था, और उसके पिता पैसेंजर (यात्री) सीट में थे|

“कार ड्राइविंग आसान है,” रोष कह रहा था, “अगर कुछ बुनियादी नियमों का पालन करते रहो| लेकिन पालन तो तुम तभी कर सकते हो उनका, जब पता हो कि वो नियम हैं क्या?”

“रूल्स क्या हैं - ये तो तुम्हें पता है, क्योंकि अपना रोड कोड (सड़क संहिता) थ्योरी टेस्ट पहले ही पास कर चुके हो तुम|”

“मुश्किल हिस्सा वो था, क्योंकि रूल सीखने-समझने में कुछ वक़्त लगता है| लेकिन वो हिस्सा महत्वपूर्ण भी था, क्योंकि नियम क्या हैं, ये जाने बिना नियम-पालन तो किया भी नहीं जा सकता|”

“नियम महत्वपूर्ण होते हैं। वो तुम्हें सुरक्षित रखते हैं| और वे दूसरों को तुम से सुरक्षित रखते हैं| फिर भी, कई लोग उनका पालन नहीं करते| तो, जब भी सड़क पर रहो, खतरों से सावधान रहो| सुरक्षित रहो| अपनी सुरक्षा पहला नियम है|”

“चालक के रूप में, अपने पैसेंजर की सुरक्षा, भलाई और उनके व्यवहार के लिए भी तुम ही ज़िम्मेदार हो, लेकिन आज इसके बारे में मैं और बात नहीं करूँगा|”

“आज तो वो दिन है, जब तुम असल में कार चलाना सीखोगे| यानि उसे शुरू करना, हिलाना, और रोकना| और ये सब तुम 5 मिनट के अन्दर सीख लोगे|”

“बाकी अभ्यास है। एक दक्ष और आश्वस्त ड्राइवर बनने के लिए। वक्त लगेगा उसमें, लेकिन वक्त बहुत है तुम्हारे पास| तुम्हारे स्कूल की छुट्टियाँ तो अभी शुरू ही हुई हैं|”

"अपनी प्रेक्टिस में जल्दबाज़ी नहीं करना| एक दिन में एक महीने का खाना नहीं खा सकते न| इसी तरह, एक महीने की प्रेक्टिस भी एक दिन में करने की कोशिश मत करना|”

“थोड़ा-थोड़ा रोज़ अभ्यास करो, और अपनी प्रैक्टिस ड्राइव के बाद अपनी गलतियों और सुधार पर तुरंत चर्चा कर लो| इससे तुम जल्दी सीखोगे और तुम्हारी समझ मज़बूत होगी|”

“याद रहे, एक लदी हुई बड़ी कार का वज़न लगभग एक हाथी जितना हो सकता है (अफ़्रीकी हाथी 2200 किलो, या उससे अधिक वजन रखते हैं)| भरी न भी हो, तो भी कार तुम्हारे अपने वज़न से 30 गुना से ज़्यादा भारी हो सकती है| जितना तेज़ दौड़ाओगे इसे, उतनी मुश्किल होगी इसे फटाफट रोकने में!”

“जो हमें लाता है अगले बुनियादी नियम पर| स्पीड कण्ट्रोल (गति नियंत्रण)| जब तक कार चलाना सीख रहे हो, अपनी गति बिल्कुल कम रखो| जितनी कम रखना चाहते हो, उतनी कम| कोई न्यूनतम गति तय नहीं है| तुम कार को लगभग शून्य पर तब तक चलाते रहो, जब तक कि गति बढ़ाने को तुम खुद तैयार न हो जाओ|”

“सबसे ज़रूरी बात ये है, कि सीखते समय तुम सहज महसूस करो| हम सबसे तेज़ तब सीखते हैं, जब हम तनाव ग्रस्त नहीं होते| तेज़ चलाने से तनाव पैदा होता है, और अभी और अधिक तनाव की जरूरत नहीं है तुम्हें| तुम्हारा आत्मविश्वास बढ़ेगा, तो गति में वृद्धि तुम खुद ही कर लोगे|”

“तो, धीरे चलाओ| सड़क की बाईं ओर धीमे चलाने वालों के लिए होती है| तो, जितना हो सके, सड़क के बाईं ओर रहकर चलाओ| सड़क की दाईं लेन (गलियाँ) तेज़ चलने वाले ट्रैफिक के लिए होती हैं|”

"और एक बात! सड़क पर कुछ भी करने से पहले, उस पर चलते दूसरे लोगों को बताओ कि तुम क्या करने जा रहे हो| ये अगला बुनियादी नियम है। समय रहते संवाद करो| संकेत दो|”

“इंडीकेट (इंगित) कैसे करते हैं, जानते हो?”

होश ने सिर हिलाकर हामी भरी|

“बढ़िया,” रोष ने कहा| फिर उसने जो कार-पार्ट आज होश के इस्तेमाल में आ सकते थे, जैसे ब्रेक, एक्सेलरेटर, हैंडल, शीशे, इंडिकेटर आदि, उनका एक-एक करके नाम लिया और उसे दिखाया कि वे चलते कैसे हैं| इसमें उसे केवल 1-2 मिनट ही लगे|

“एक से दूसरी जगह इसे ले जाने के लिए, कार के बारे में इससे ज़्यादा कुछ और जानना ज़रूरी नहीं है| अपनी गाड़ी के बारे में अगर तुम्हें कुछ भी और न आता हो, तो भी तुम एक बेहतरीन ड्राईवर बन सकते हो|”

“मसलन ये पता होना ज़रूरी नहीं, कि कार्बोरेटर कैसे काम करता है| लेकिन जितना तुम अपनी गाड़ी को जानोगे, उतना तुम इसकी अच्छी देखभाल कर सकोगे, और उतनी ही अच्छी ये तुम्हारी सेवा कर सकेगी|”

“अब तुम चलने के लिए लगभग तैयार हो| सड़क पर अपनी दुकान बढ़ाने से पहले चलो एक बार 5-सूत्री चेकलिस्ट दोहरा लें| गाड़ी हिलाने से पहले ये करना सभी सीखने वालों के लिए अच्छा अभ्यास है, कम से कम उन्हें प्रतिबंधित ड्राइविंग लाइसेंस मिलने तक|”

"यह चेकलिस्ट है: तीनों शीशों की जाँच (1. ड्राइवर पक्ष का, 2. पीछे देखने वाला, 3. यात्री पक्ष का), ये देखने के लिए कि वे सब साफ हैं और तुम्हारे पीछे की सड़क साफ दिखाते हैं| उन्हें एडजस्ट या साफ कर लो, यदि ज़रूरत हो तो|”

“अब, पॉइंट 4: दायाँ इंडिकेटर चला दो| ये कार स्टार्ट करने के तुरंत बाद, लेकिन कार चलाने से हमेशा पहले ही कर लेना चाहिए|”

"प्वाइंट 5: अपना सिर दाएँ मोड़कर, अपने पीछे की सड़क का मुआयना करो| अब अगर चलना सुरक्षित लगे, तभी चलाना शुरू करो| यानि हाथ और पैर की ब्रेक तभी छोड़ो, जब अपनी पार्क पोज़ीशन से सड़क पर कार ले चलना तुम्हें सुरक्षित लगे| तुम्हें ऐसा करने के लिए अपना दायाँ पाँव एक्सेलरेटर पर ले जाते हुए चक्का दायीं ओर घुमाना होगा|”

“तैयार?”

होश ने सिर हिला दिया|

“ओके,” रोष मुस्कराया| “तो बता मुझे वो 5-सूत्री चेकलिस्ट जो तुझे अब करनी चाहिए?”

होश ने बता दी|

“मस्त,” रोष ने हामी भरी| “और वो 5 बुनियादी नियम, जो एक गाड़ी चलाना सीखने वाले को पालन करने चाहिए?”

होश ने जो कुछ सीखा था, वह उँगलियों पर गिनते हुए, संक्षेप में सुना डाला:

1. रोड कोड (सड़क के कानून) पता हो|
2. सुरक्षित कार में ड्राइव करो|
3. कार चलाने से पहले 5-सूत्री चेकलिस्ट करो|
4. सुरक्षित रहो| सड़क पर खतरे भांपो| परिस्थिति के अनुसार चलाओ| अगले से अपनी दूरी बनाए रखो|
5. धीरे चलाओ|
6. सड़क के बायीं ओर चलाओ|
7. संकेत दो| समय रहते इंगित करो| जो इंगित किया है, वही करो| गाड़ी पर “L” स्टीकर साफ-साफ दिखे, ताकि औरों को मालूम हो, कि तुम नौसिखिया हो|

“बहुत खूब,” रोष खुश था| “चल अब ड्राइव करते हैं!”

होश ने इग्निशन में चाबी घुमाई, 5-सूत्री चेकलिस्ट यथार्थ में की, और कार को धीरे-से सड़क पर उतार लिया| जब गाड़ी सड़क पर पहुँच कर आराम से सीधी हो गयी, तो राहत की एक खामोश ठण्डी सांस उसके मुँह से छूटी|

उसे एहसास ही न हुआ था कि कितने तनाव में था वह|

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