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New All-Wheel-Drive Jaguar F-TYPE R Boosts Bloodhound SSC Record BIDजानकारीपूर्ण कहानी: संभाल के ड्राइव करो (Sambhal Ke Drive Karo)

 

अपनी व अपने वाहन की, सड़क व ट्रैफिक की हालत के मुताबिक कैसे कार चलाएँ?

 

अच्छी ड्राइविंग की टिप्स

पिछली कहानी: कार चलाना सीख

"अच्छी ड्राइविंग थी," रोष ने पहली प्रैक्टिस के बाद अपने बेटे को बधाई दी| “कैसा लग रहा है?”

“राहत महसूस कर रहा हूँ...” होश ने कहा| “और खुशी| असल में बहुत खुशी|”

“कार ड्राइविंग की कौन सी टिप तुझे आज सबसे उपयोगी लगी?” रोष ने पूछा|

“कार स्टार्ट करने से पहले की 5 सूत्री चेकलिस्ट,” होश ने जवाब दिया| “शुरू से ही शीशे चेक करने, सिगनल देने, और कन्धा दायें घुमाने की आदत डालना तो गज़ब का है| मैंने पाया कि लेन बदलते हुए भी मैं वो ही सब कर रहा था| बार-बार किया जाने वाला एक सरल-सा रूटीन, पर कितना प्रभावी|”

उसके बाद ढेरों भावनाएं और टिप्पणियाँ उससे फूट चलीं, जैसे कोई बाँध टूट गया हो| रोष मुसकुराया और धैर्य से सुनता रहा|

अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए होश हंसा, अपने अन्दर भरते एक मीठे, मादक आत्मविश्वास का मज़ा लेता| अपने भीतर उसे एक अजीब सी ताकत का एहसास हुआ| बड़ी प्रबल अनुभूति थी ये|

“बढ़िया,” रोष उसके साथ हंस रहा था, उसके रोमांच को महसूस करता| “कार चलाना आसान है, नहीं? और शुरू से ही ड्राइविंग की अच्छी आदतें डालना महत्वपूर्ण|”

“हाँ,” होश ने हामी भरी| “लेकिन मैं अभी भी नहीं जानता कि आप क्या कहना चाहते थे, जब आपने कहा कि मुझे परिस्थिति के अनुसार ड्राइव करना चाहिए| क्या आप यह कहना चाहते थे, कि बरसात हो रही हो तो मैं धीरे कार चलाऊं, या जब अँधेरा हो जाए तो लाइट जला लूं, वगैरह?”

“वो दोनों तो बिल्कुल,” रोष ने कहा, “लेकिन वातावरण की हालत के अलावा, मेरा इशारा सड़क की, तुम्हारी कार की, ट्रैफिक की, और आस-पास के खतरों की जागरूकता और उनके अनुरूप एडजस्टमेंट की ओर भी था और चालक के रूप में तुम्हारी अपनी शारीरिक और मानसिक हालत की तरफ भी|”

“सड़क की हालत से मतलब?” होश ने पूछा|

“जैसे रोड पक्की है या बजरीदार, गड्ढे हैं या नहीं,” रोष ने कहा| “सड़क पर अगर मीडियन बैरियर बने हैं, गाड़ियाँ पार्क हैं, बिजली के खंभे हैं, पेड़, खाइयाँ, साइड रोड, या ड्राइववे आस-पास हैं, तो रिस्क बढ़ जाता है| तब और सावधान रहो|”

“गाँव की किसी अविभाजित सड़क पर ड्राइविंग, जिसके साथ-साथ खाई-नुमा नाला चल रहा हो, शहर की रोड पर कार चलाने से कहीं ज़्यादा खतरनाक है – खासकर तब, जब कोई सेंटर लाइन क्रॉस करे, या सामने किसी के ड्राइववे से अचानक कोई गाड़ी निकल आए|”

“मोटरवे की अपेक्षा न्यूज़ीलैण्ड की ग्रामीण सड़कों और राजमार्गों पर होती सड़क दुर्घटनाओं में हर साल ज्यादा लोग मरते हैं, हालाँकि हमारे मोटरवे पर यातायात कहीं ज़्यादा होता है, क्योंकि मोटरवे तेज़ स्पीड पर ज़्यादा महफूज़ रखने के हिसाब से बनाए जाते हैं|”

"तो, सुरक्षित गति से चलो (चाहे गति सीमा से कम ही क्यों न हो)| और चौकन्ने रहो साइड स्ट्रीट या घरों के अन्दर-बाहर मुड़ते वाहनों, पैदल चलने वालों, साइकिल चालकों, रुकी गाड़ियों के खुलते दरवाज़ों, खेलते बच्चों और क्षेत्रीकरण प्रतिबंधों आदि के लिए|"

“कितना उजाला है – गति इसके हिसाब से रखो| 20% चोटिल दुर्घटनाएँ दूसरी पार्टी न दिखने की वजह से होती हैं| और लोगों को सिर्फ रात में ही देखने में परेशानी नहीं होती|”

"विंडशील्ड (सामने वाले शीशा) फॉगिंग (धुंधलाना), बाहर कोहरे या बारिश, और यहाँ तक कि विंडशील्ड सूर्य किरण से चौंधिया जाने से भी सड़क पर विज़िबिलिटी (दिखाई देना) कम हो सकती है, विशेषकर सुबह सवेरे और देर शाम के भारी ट्रैफिक घंटों के दौरान|”

“दिखना इतना कम हो जाए, तो मुझे क्या करना चाहिए?” होश ने पूछा|

“ड्राइव मत करो,” रोष मुस्कुराया| “हर साल कई घातक दुर्घटनाएँ सूरज की चकाचौंध की वजह से होती हैं| लचीले (फ्लेक्सी) घंटों वाली नौकरी करो, ताकि भारी ट्रैफिक में कम फंसना पड़े| घर से काम करो, या ऐसा बिज़नेस करो जिसमें कहीं से भी ऑनलाइन होकर काम कर सको|”

“फिर भी, कम दृश्यता (visibility) में गाड़ी चलानी ही पड़े, तो शीशा चौंधियाने से पहले ही अपना वाईज़र (शीशे के ऊपर लगी छोटी छज्जेदार ओट) गिरा लो| दिन में बदली छाई हो या लाइट कम हो, तो हेडलाइट इस्तेमाल करो|”

“बारिश में वाइपर चलाओ| अन्दर से धुंधलाई विंडस्क्रीन साफ करने में एयर कंडीशनिंग (वातानुकूलन) मदद करती है| बाहर से धुंधलाई और बर्फ जमी पिछली विंडस्क्रीन पानी से और तार गरमाकर साफ करने में मदद मिलती है|”

"इसीलिए अपनी विंडस्क्रीन आमतौर पर अंदर-बाहर से साफ रखना अच्छा आईडिया है| अपने वाइपर और एयर कंडीशनिंग टिच्च और अपनी पानी की टंकी भरी रखनी चाहिए| ब्रेक और ब्रेक लाइट भी काम करने चाहिए|”

"दिखाई कम दे रहा हो, तो हमेशा धीरे चलो| ज़रूरत पड़े, तो हेज़ार्ड लाइट (खतरे की रोशनी) ऑन कर दो| तुम्हें ठीक से दिख रहा हो, तो भी याद रखो कि हो सकता है दूसरे, जिनकी आँख में सूरज पड़ रहा है, तुम्हें ठीक से देख न पा रहे हों|”

“सड़क पर भीड़ हो या जानवर हों, गाड़ियाँ पार्क हों, बच्चे, साइकिल चालक, मोटरसाइकिल चालक, ट्रक या ग्रामीण वाहन आसपास हों, तो अधिक संभाल के ड्राइव करो|”

“रोड पर अगर तुम सबसे सुरक्षित ड्राईवर भी हो, तो भी ट्रैफिक बढ़ने से किसी के कुछ अप्रत्याशित करने या मूर्खता करने का चांस बढ़ जाता है|”

“अलग-अलग तरह की सवारियों का मिश्रण भी अंदाज़ा लगाने में दिक्कत बढ़ाता है, क्योंकि वे लेन में अन्दर-बाहर आती-जाती रहती हैं, सड़क के अलग-अलग हिस्सों का इस्तेमाल करती और तुम्हारी स्पीड से अलग चाल से चलती|”

“ऑकलैंड में यातायात भारतीय सड़कों के ट्रैफिक से कहीं अधिक अनुशासित है| भारत की कई सड़कों पर तो अराजकता ही राज करती है, लेकिन ऑकलैंड वासी भी भेड़ की तरह ड्राइव करने की कोशिश करते हैं, बम्पर से बम्पर छूते, ताकि कोई और उन्हें ओवरटेक करके उनकी लेन में न आ जाए|”

"ऐसी सोच से बचो, कम-से-कम जब तक कार चलाना सीख रहे हो, क्योंकि अगर तुम्हारे ड्राइविंग इंस्पेक्टर (निरीक्षक) ने तुम्हें दो-सेकंड की दूरी वाला नियम पालन करते नहीं देखा तो वो तुम्हें फेल कर देगा| अगर रेड लाइट से बच निकलने के लिए गाड़ी दौड़ाते देखा, तो भी फेल|”

“मैं ऐसा कभी नहीं करूंगा,” होश ने आपत्ति की| “मैं तो ऑरेंज लाइट पे भी गाड़ी नहीं भगाऊंगा| दुर्घटना से देर भली|”

“तो, बत्ती संतरी होते ही रुक जाओगे क्या?” रोष ने पूछा|

“शायद नहीं,” होश ने सोचकर कहा| “चलता रहूँगा अगर लगेगा कि उनके लाल होने से पहले निकल जाऊँगा| नहीं तो मेरे पीछे वाले हॉर्न मारेंगे, गाली बकेंगे, या अगर अचानक रुक गया तो ऊँगली दिखाएँगे| ऊपर से, ऐसे अचानक रुकना शायद सुरक्षित भी न हो|”

“सड़क पे किसी के तमाशे (रोड रेज) को कभी खुद को असुरक्षित बर्ताव करने के लिए मजबूर न करने दो,” रोष मुस्कुराया| “वे खुद भी गलत हो सकते हैं, या किसी गलत वजह से नाराज़ हो सकते हैं| जब तुम्हें कोई गलत (नाम की) चिट्ठी मिलती है, तो क्या करते हो?”

“लाल बत्ती का मतलब रुको| पूरी तरह! हरी बत्ती का मतलब जाओ| पर जाओ तभी, जब जाना सुरक्षित हो! और संतरी बत्ती का मतलब ये नहीं कि चलते रहो अगर लगे कि लाल होने से पहले पहुँच जाओगे| उसका मतलब है रुको, अगर सुरक्षित रुक सकते हो!”

“कैसे पता चलेगा तुम्हें कि सुरक्षित रुक सकते हो या नहीं? आपने आस-पास के ट्रैफिक और खतरों की जागरूकता से| खासतौर पर अपने बैक-व्यू मिरर (कार के अन्दर लगा, पीछे देखने का शीशा) को देखो| तुम्हारे पीछे वाला ड्राईवर तुम्हारे कितने पास है| अगर तुमने अभी ब्रेक लगाई, तो क्या वो तुम्हें ठोके बिना रुक सकता है?”

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